उत्तराखण्ड, भारतप्रतिष्ठा: सन् 1950
श्री हनुमान गढ़ी नैनीताल
कुमाऊँ घाटी के शिखरों पर स्थित पावन संकटमोचन धाम
वास्तविक आश्रम छायाचित्रवास्तविक फोटो

हनुमान गढ़ी, हल्द्वानी-नैनीताल मार्ग, नैनीताल, उत्तराखण्ड 263001
दर्शन समय
प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक नित्य अनवरत दर्शन
आरती समय
प्रातः आरती: 6:30 AM | संध्या आरती: 7:00 PM
आध्यात्मिक महिमा एवं परिचय
समुद्र तल से 6,400 फीट की ऊंचाई पर स्थित हनुमान गढ़ी की स्थापना बाबा जी ने 1950 के दशक में की थी। यहाँ पवनपुत्र हनुमान जी की विशाल और अलौकिक प्रतिमा है, जिसमें वे अपने हृदय को चीर कर प्रभु श्री राम और माता सीता का दर्शन कराते हैं।
स्थापना का पावन इतिहास
जब यह स्थान बीहड़ वन था, तब बाबा जी यहाँ तपस्या करते थे। उन्होंने इस पर्वत शिखर को भक्ति धाम में परिवर्तित किया और हनुमान जी के साथ शिव मंदिर व राम मंदिर की स्थापना कराई।
आश्रम कैसे पहुँचें
नैनीताल मुख्य नगर से मात्र 3 किमी पहले हल्द्वानी मार्ग पर स्थित। तल्लीताल से टैक्सी एवं ऑटो सरलता से उपलब्ध हैं।
श्रद्धालु नियम व सुझाव
- •सभी आश्रमों में सादगीपूर्ण एवं शालीन वस्त्र धारण करें।
- •गर्भ गृह एवं मंदिर परिसर में फोटोग्राफी वर्जित है।
- •परिसर में शांत भाव से राम नाम व चालीसा का पाठ करें।
- •महाराज जी का प्रसाद दोनों हाथों से आदरपूर्वक ग्रहण करें।
सख्त नियम: कोई ऑनलाइन दान नहीं
महाराज जी के आदेशानुसार, आश्रम ट्रस्ट कोई भी ऑनलाइन दान, UPI या डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करता है। ऑनलाइन पूजा या वीआईपी दर्शन के नाम पर ठगी करने वालों से सावधान रहें।
पूर्णतः निःशुल्क दर्शन व भंडारा प्रसाद
सभी भक्त महाराज जी के चरणों में समान हैं।