॥ जय श्री नीब करौरी महाराज ॥
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उत्तर प्रदेश, भारतप्रधान धामप्रतिष्ठा: सन् 1967

श्री वृन्दावन समाधि मंदिर आश्रम

परम पूज्य महाराज जी का पावन महासमाधि स्थल

वास्तविक आश्रम छायाचित्रवास्तविक फोटो
श्री वृन्दावन समाधि मंदिर आश्रम
ताराश मंदिर कॉलोनी, रमण रेती, परिक्रमा मार्ग, वृन्दावन, मथुरा, उत्तर प्रदेश 281121
दर्शन समय

ग्रीष्मकाल: 5:30 AM – 12:00 PM एवं 4:30 PM – 8:30 PM | शीतकाल: 6:00 AM – 12:30 PM एवं 4:00 PM – 8:00 PM

आरती समय

मंगला आरती: प्रातः 6:30 बजे | श्रृंगार आरती: प्रातः 8:00 बजे | संध्या आरती: सायं 7:00 बजे

स्थान व मार्ग

ताराश मंदिर कॉलोनी, रमण रेती, परिक्रमा मार्ग, वृन्दावन, मथुरा, उत्तर प्रदेश 281121

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आध्यात्मिक महिमा एवं परिचय

वृन्दावन आश्रम महाराज जी का पावन महासमाधि स्थल है, जहां अनंत चतुर्दशी (11 सितम्बर 1973) को महाराज जी ने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर ब्रह्मलीन हुए। वृन्दावन परिक्रमा मार्ग पर स्थित यह आश्रम असीम शांति, भक्ति और जीवंत कृपा का परम धाम है।

स्थापना का पावन इतिहास

महाराज जी को ब्रजभूमि और वृन्दावन से अगाध प्रेम था। 1967 में यहाँ हनुमान मंदिर की स्थापना हुई। महासमाधि के उपरांत महाराज जी का पावन समाधि मंदिर निर्मित किया गया जहाँ नित्य दर्शन और वार्षिक महासमाधि भंडारा आयोजित होता है।

आश्रम कैसे पहुँचें

निकटतम हवाई अड्डा: दिल्ली (150 किमी) या आगरा (75 किमी)। मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से दूरी केवल 12 किमी है। यमुना एक्सप्रेसवे से सुगम मार्ग।

श्रद्धालु नियम व सुझाव

  • सभी आश्रमों में सादगीपूर्ण एवं शालीन वस्त्र धारण करें।
  • गर्भ गृह एवं मंदिर परिसर में फोटोग्राफी वर्जित है।
  • परिसर में शांत भाव से राम नाम व चालीसा का पाठ करें।
  • महाराज जी का प्रसाद दोनों हाथों से आदरपूर्वक ग्रहण करें।
सख्त नियम: कोई ऑनलाइन दान नहीं

महाराज जी के आदेशानुसार, आश्रम ट्रस्ट कोई भी ऑनलाइन दान, UPI या डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करता है। ऑनलाइन पूजा या वीआईपी दर्शन के नाम पर ठगी करने वालों से सावधान रहें।

पूर्णतः निःशुल्क दर्शन व भंडारा प्रसाद
सभी भक्त महाराज जी के चरणों में समान हैं।