॥ जय श्री नीब करौरी महाराज ॥
॥ प्रार्थना पत्र एवं भाव निवेदन ॥

महाराज जी के पावन चरणों में अपनी प्रार्थना अर्पित करें

आप संसार के किसी भी कोने में हों, अपने हृदय के भाव महाराज जी के चरणों में रखें। महाराज जी अंतर्यामी हैं और सबकी पुकार सुनते हैं।