सख्त नो-डोनेशन नीति एवं जन-सुरक्षा चेतावनी
श्री कैंची धाम आश्रम, ऑनलाइन दान सुरक्षा, निःशुल्क दर्शन मर्यादा एवं फर्जी ऑनलाइन ठगी से बचाव हेतु अनिवार्य जानकारी।
आश्रम स्पष्टीकरण एवं दान न लेने का दृढ़ संकल्प
परम पूज्य श्री नीम करौरी बाबा महाराज जी ने जीवन पर्यंत कभी किसी से दान नहीं मांगा और न ही दर्शन हेतु कभी कोई शुल्क स्वीकार किया। इसी पावन परंपरा का पालन करते हुए, श्री कैंची धाम आश्रम ट्रस्ट किसी भी प्रकार का ऑनलाइन दान, बैंक ट्रांसफर, UPI, QR कोड अथवा डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करता है।
१. फर्जी वेबसाइट्स, सोशल मीडिया व ऑनलाइन ठगी से सावधान
नीम करौरी बाबा के प्रति अपार श्रद्धा का दुरुपयोग करने हेतु कुछ धोखेबाज तत्व फर्जी वेबसाइटें, व्हाट्सएप ग्रुप व क्यूआर कोड बनाकर कैंची धाम के नाम पर ठगी का प्रयास करते हैं।
२. पूर्णतः निःशुल्क दर्शन एवं पावन भंडारा प्रसाद
कैंची धाम एवं महाराज जी द्वारा स्थापित सभी पावन धामों में सभी भक्तों का स्वागत निःस्वार्थ प्रेम भाव से होता है:
- मंदिर परिसर एवं गर्भ गृह में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है।
- भंडारे का प्रसाद प्रत्येक श्रद्धालु को बिना किसी शुल्क के प्रेमपूर्वक वितरित किया जाता है।
- धनवान हो या निर्धन, सभी महाराज जी के श्री चरणों में एक समान हैं।
३. धन एवं सेवा पर महाराज जी का दिव्य दर्शन
जब कोई भक्त महाराज जी के समक्ष धन रखता था, तो महाराज जी प्रायः उसे तुरंत किसी निर्धन या भूखे व्यक्ति को दे देते थे। उनका स्पष्ट उपदेश था कि सच्चा धर्म मंदिरों में धन एकत्र करना नहीं, बल्कि भूखों को भोजन कराना और हृदय को शुद्ध करना है।
“सब से प्रेम करो, सब की सेवा करो, सब को भोजन कराओ, ईश्वर को याद रखो। सदा सत्य बोलो। मन को धन में मत फंसाओ।”
४. आप महाराज जी की सेवा कैसे कर सकते हैं?
यदि आप महाराज जी को कुछ समर्पित करना चाहते हैं:
- श्रद्धा भाव से श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- अपने आस-पास किसी भूखे व्यक्ति या जीव को भोजन कराएं।
- बिना किसी अहंकार या दिखावे के किसी जरूरतमंद की सहायता करें।
- सत्य, विनम्रता और ईश्वर स्मरण के साथ जीवन जिएं।