नीम करौरी बाबा के पावन आश्रम एवं धाम
भारत, अमेरिका और यूरोप में महाराज जी द्वारा प्रतिष्ठित समस्त पावन आश्रमों, समाधि मंदिरों एवं तपोभूमियों का संपूर्ण सचित्र मार्गदर्शक। वास्तविक छायाचित्र, दर्शन समय, आरती सारिणी और जीपीएस मार्ग।

श्री कैंची धाम आश्रम
कैंची धाम दो पहाड़ियों के बीच कैंची की आकृति में बसा एक अत्यंत दिव्य और पवित्र आश्रम है, जिसकी स्थापना परम पूज्य नीम करौरी बाबा महाराज ने सन् 1964 में की थी। यह धाम श्री हनुमान जी की असीम कृपा और महाराज जी की आलौकिक उपस्थिति का केंद्र है जहां देश-विदेश से लाखों भक्त दर्शन करने आते हैं।

श्री वृन्दावन समाधि मंदिर आश्रम
वृन्दावन आश्रम महाराज जी का पावन महासमाधि स्थल है, जहां अनंत चतुर्दशी (11 सितम्बर 1973) को महाराज जी ने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर ब्रह्मलीन हुए। वृन्दावन परिक्रमा मार्ग पर स्थित यह आश्रम असीम शांति, भक्ति और जीवंत कृपा का परम धाम है।

अकबरपुर - पावन जन्मस्थली धाम
अकबरपुर परम पूज्य बाबा नीम करौरी जी की पवित्र जन्मस्थली है, जहाँ उनका प्राकट्य एक प्रतिष्ठित विप्र परिवार में बालक लक्ष्मी नारायण शर्मा के रूप में हुआ था। यहाँ आज भी बाबा जी का पैतृक घर और मंदिर स्थित है।

नीब करौरी ग्राम एवं गुफा मंदिर
यही वह पावन ग्राम है जिसके नाम से महाराज जी का नाम पूरे विश्व में "नीब करौरी बाबा" प्रसिद्ध हुआ। यहाँ वह भूमिगत साधना गुफा स्थित है जहाँ बाबा जी ने गुप्त रूप से कठोर तपस्या की थी और प्रसिद्ध रेलगाड़ी का चमत्कार घटित हुआ था।

श्री हनुमान गढ़ी नैनीताल
समुद्र तल से 6,400 फीट की ऊंचाई पर स्थित हनुमान गढ़ी की स्थापना बाबा जी ने 1950 के दशक में की थी। यहाँ पवनपुत्र हनुमान जी की विशाल और अलौकिक प्रतिमा है, जिसमें वे अपने हृदय को चीर कर प्रभु श्री राम और माता सीता का दर्शन कराते हैं।

भूमियाधार आश्रम एवं हनुमान मंदिर
भूमियाधार आश्रम कैंची धाम की स्थापना से भी पूर्व 1950 के दशक में बाबा जी द्वारा स्थापित एक अत्यंत शांत और जाग्रत तपोभूमि है। यह पहाड़ी ढलान पर स्थित महाराज जी का प्रिय एकांत स्थल था जहाँ उन्होंने भक्तों पर अनगिनत कृपा की।

कानपुर पनकी मंदिर एवं आश्रम
जनवरी 1964 में महाराज जी द्वारा उद्घाटित कानपुर का पनकी धाम अपनी चमत्कारी ऊर्जा और अन्नपूर्णा कृपा के लिए सुविख्यात है। यहाँ प्रतिवर्ष विशाल महासमाधि भंडारा आयोजित होता है।

शिमला संकट मोचन मंदिर
देवदार और चीड़ के घने वनों से घिरा शिमला संकट मोचन मंदिर महाराज जी के आशीर्वाद से सन् 1966 में स्थापित हुआ। यह स्थान गहन शांति, प्राकृतिक सौंदर्य एवं साधना हेतु विख्यात है।

लखनऊ हनुमान सेतु मंदिर
26 जनवरी 1967 को महाराज जी द्वारा उद्घाटित, गोमती नदी के तट पर स्थित हनुमान सेतु मंदिर लखनऊ का अत्यंत जाग्रत और प्रसिद्ध धाम है। महाराज जी ने इस हनुमान जी को "सभी हनुमानों का गवर्नर जनरल" और मनोकामना पूर्ण करने वाला स्वरूप बताया था।

काकड़ीघाट आश्रम एवं मंदिर
काकड़ीघाट कोसी नदी के तट पर स्थित एक प्राचीन तपोभूमि है, जहाँ 1890 में स्वामी विवेकानंद को पीपल के वृक्ष के नीचे दिव्य ब्रह्मांडीय अनुभूति प्राप्त हुई थी। महाराज जी ने यहाँ तपस्या की और भव्य हनुमान व शिव मंदिर की स्थापना कराई।

ऋषिकेश आश्रम (माँ गंगा तट)
पवित्र माँ गंगा की पावन धारा के समीप स्थित ऋषिकेश आश्रम महाराज जी का अत्यंत शांत एवं मनोरम आश्रम है जहाँ बाबा जी ने अनेक साधकों को आत्मज्ञान और भक्ति का मार्ग दिखाया।

दिल्ली बड़ा मंदिर आश्रम (जौनपुर / महरौली)
सन् 1973 में महासमाधि से कुछ ही समय पूर्व महाराज जी द्वारा उद्घाटित, दक्षिणी दिल्ली का जौनपुर महरौली आश्रम एक विशाल आध्यात्मिक केंद्र है। यहाँ देश का दूसरा सबसे बड़ा माँ अन्नपूर्णा मंदिर, विशाल हनुमान जी और चैरिटेबल सेवा प्रकल्प चलते हैं।

ताओस हनुमान आश्रम (न्यू मैक्सिको, अमेरिका)
ताओस आश्रम पश्चिमी देशों में महाराज जी का सबसे प्रमुख धाम है। यहाँ जयपुर में निर्मित भगवान हनुमान जी की श्वेत संगमरमर की भव्य मूर्ति प्रतिष्ठित है, जो बाबा जी के अनन्य प्रेम और राम नाम का पावन केंद्र है।

श्री नीम करौरी बाबा आश्रम वृंदावन (उल्म, जर्मनी)
सन् 1998 में श्री दुर्गमयी माँ द्वारा स्थापित, जर्मनी के न्यू-उल्म में स्थित आश्रम वृंदावन यूरोप में महाराज जी का प्रमुख धाम है। यहाँ भारतीय परंपरा अनुसार नित्य प्रातः एवं संध्या आरती, कीर्तन और सेवा कार्य किए जाते हैं।

हनुमान माउई: राम दास लविंग अवेयरनेस सैंक्चुअरी (हवाई, अमेरिका)
हनुमान माउई वह दिव्य आश्रम है जहाँ पूज्य राम दास जी ने अपने जीवन के अंतिम 15 वर्ष व्यतीत किए। यहाँ स्थानीय लकड़ी से निर्मित भगवान हनुमान जी की भव्य प्रतिमा और महाराज जी का पावन विग्रह सुशोभित है।