बवेरिया, जर्मनी (यूरोप)प्रतिष्ठा: सन् 1998
श्री नीम करौरी बाबा आश्रम वृंदावन (उल्म, जर्मनी)
यूरोप में नीम करौरी बाबा महाराज जी का पावन आध्यात्मिक धाम
वास्तविक आश्रम छायाचित्रवास्तविक फोटो

न्यू-उल्म / रॉयट्टी, बवेरिया, जर्मनी
दर्शन समय
सप्ताहांत एवं उत्सवों पर निर्धारित दर्शन व आरती समय अनुसार (CET)
आरती समय
प्रातः आरती: प्रातः 7:30 बजे | संध्या आरती: सायं 7:00 बजे
आध्यात्मिक महिमा एवं परिचय
सन् 1998 में श्री दुर्गमयी माँ द्वारा स्थापित, जर्मनी के न्यू-उल्म में स्थित आश्रम वृंदावन यूरोप में महाराज जी का प्रमुख धाम है। यहाँ भारतीय परंपरा अनुसार नित्य प्रातः एवं संध्या आरती, कीर्तन और सेवा कार्य किए जाते हैं।
स्थापना का पावन इतिहास
महाराज जी की कृपा से प्रेरित होकर यूरोप के साधकों के लिए इस आश्रम की स्थापना की गई ताकि पश्चिमी साधक सनातन भक्ति और महाराज जी की शिक्षाओं से जुड़ सकें।
आश्रम कैसे पहुँचें
निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: म्यूनिख या स्टटगार्ट। उल्म मुख्य रेलवे स्टेशन से बस या टैक्सी द्वारा सुगम।
श्रद्धालु नियम व सुझाव
- •सभी आश्रमों में सादगीपूर्ण एवं शालीन वस्त्र धारण करें।
- •गर्भ गृह एवं मंदिर परिसर में फोटोग्राफी वर्जित है।
- •परिसर में शांत भाव से राम नाम व चालीसा का पाठ करें।
- •महाराज जी का प्रसाद दोनों हाथों से आदरपूर्वक ग्रहण करें।
सख्त नियम: कोई ऑनलाइन दान नहीं
महाराज जी के आदेशानुसार, आश्रम ट्रस्ट कोई भी ऑनलाइन दान, UPI या डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करता है। ऑनलाइन पूजा या वीआईपी दर्शन के नाम पर ठगी करने वालों से सावधान रहें।
पूर्णतः निःशुल्क दर्शन व भंडारा प्रसाद
सभी भक्त महाराज जी के चरणों में समान हैं।