श्री कैंची धाम आश्रम
महाराज जी का विश्वविख्यात हिमालयी पावन धाम

प्रातःकाल: 6:00 AM से 12:00 PM | सायंकाल: 4:00 PM से 8:00 PM (दोपहर 12:00 से 4:00 तक कपाट विश्राम हेतु बंद रहते हैं)
मंगला प्रातः आरती: प्रातः 7:00 बजे | संध्या आरती: सायं 7:00 बजे
भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग, कैंची, नैनीताल, उत्तराखण्ड 263132
गूगल मैप्स में देखेंआध्यात्मिक महिमा एवं परिचय
स्थापना का पावन इतिहास
आश्रम कैसे पहुँचें
कैंची धाम के निकटवर्ती प्रमुख दर्शनीय स्थल
हनुमान गढ़ी, नैनीताल
1950 में बाबा द्वारा स्थापित। 12 फीट ऊंची प्रतिमा व विश्वविख्यात सूर्यास्त।
भूमियाधार आश्रम
कैंची धाम से पूर्व महाराज जी की तपोस्थली। चीड़ के शांत वनों में स्थित।
काकड़ीघाट आश्रम
कोसी-सुयाल संगम जहाँ स्वामी विवेकानंद को पीपल वृक्ष तले दिव्य ज्ञान मिला।
श्रद्धालु नियम व सुझाव
- •सभी आश्रमों में सादगीपूर्ण एवं शालीन वस्त्र धारण करें।
- •गर्भ गृह एवं मंदिर परिसर में फोटोग्राफी वर्जित है।
- •परिसर में शांत भाव से राम नाम व चालीसा का पाठ करें।
- •महाराज जी का प्रसाद दोनों हाथों से आदरपूर्वक ग्रहण करें।
महाराज जी के आदेशानुसार, आश्रम ट्रस्ट कोई भी ऑनलाइन दान, UPI या डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करता है। ऑनलाइन पूजा या वीआईपी दर्शन के नाम पर ठगी करने वालों से सावधान रहें।
यात्रा से पूर्व वर्तमान तापमान, बारिश की संभावना, २४ घंटे का दर्शन पूर्वानुमान व मौसम गाइड देखें।
लाइव मौसम पेज देखेंकैंची धाम के आसपास १० स्थल
दूरी व समय सहित संपूर्ण गाइड: हनुमान गढ़ी, भूमियाधार, मुक्तेश्वर, भीमताल व सातताल।
आसपास के स्थल देखें