॥ जय श्री नीब करौरी महाराज ॥
समस्त १५ आश्रम देखें
हिमाचल प्रदेश, भारतप्रतिष्ठा: सन् 1966

शिमला संकट मोचन मंदिर

महाराज जी द्वारा सन् 1966 में स्थापित पावन पहाड़ी धाम

वास्तविक आश्रम छायाचित्रवास्तविक फोटो
शिमला संकट मोचन मंदिर
कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग 5, तारादेवी, शिमला, हिमाचल प्रदेश 171010
दर्शन समय

ग्रीष्मकाल: 6:30 AM से 8:00 PM | शीतकाल: 7:00 AM से 6:30 PM

आरती समय

प्रातः आरती: 7:30 AM | संध्या आरती: 7:00 PM

स्थान व मार्ग

कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग 5, तारादेवी, शिमला, हिमाचल प्रदेश 171010

गूगल मैप्स में देखें

आध्यात्मिक महिमा एवं परिचय

देवदार और चीड़ के घने वनों से घिरा शिमला संकट मोचन मंदिर महाराज जी के आशीर्वाद से सन् 1966 में स्थापित हुआ। यह स्थान गहन शांति, प्राकृतिक सौंदर्य एवं साधना हेतु विख्यात है।

स्थापना का पावन इतिहास

महाराज जी ने तारादेवी की पहाड़ी पर इस स्थल का चयन किया और हिमाचल के तत्कालीन उपराज्यपाल एवं भक्तों के सहयोग से यहाँ भव्य मंदिर का निर्माण कराया।

आश्रम कैसे पहुँचें

कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिमला से 5 किमी पहले स्थित। तारादेवी स्टेशन से भी सुगम।

श्रद्धालु नियम व सुझाव

  • सभी आश्रमों में सादगीपूर्ण एवं शालीन वस्त्र धारण करें।
  • गर्भ गृह एवं मंदिर परिसर में फोटोग्राफी वर्जित है।
  • परिसर में शांत भाव से राम नाम व चालीसा का पाठ करें।
  • महाराज जी का प्रसाद दोनों हाथों से आदरपूर्वक ग्रहण करें।
सख्त नियम: कोई ऑनलाइन दान नहीं

महाराज जी के आदेशानुसार, आश्रम ट्रस्ट कोई भी ऑनलाइन दान, UPI या डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करता है। ऑनलाइन पूजा या वीआईपी दर्शन के नाम पर ठगी करने वालों से सावधान रहें।

पूर्णतः निःशुल्क दर्शन व भंडारा प्रसाद
सभी भक्त महाराज जी के चरणों में समान हैं।