परम पूज्य नीम करौरी बाबा महाराज जी
“सब से प्रेम करो, सब की सेवा करो, सब को भोजन कराओ, ईश्वर को याद रखो।”
परम पूज्य श्री नीम करौरी बाबा (महाराज जी) के पावन भक्तिधाम में आपका स्वागत है। यहाँ महाराज जी के दिव्य जीवन, आलौकिक चमत्कारों, कैंची धाम सहित प्रमुख पावन तीर्थों और अमर उपदेशों का संकलन प्रस्तुत है।
पवित्र आश्रम व धाम
प्रमाणित चमत्कार
वार्षिक कैंची भंडारा

॥ अनंत श्री विभूषित ॥
बाबा नीब करौरी महाराज
श्री हनुमान जी के साक्षात विग्रह
“सब से प्रेम करो, सब की सेवा करो, सब को भोजन कराओ, ईश्वर को याद रखो।”
महाराज जी के जीवन का मूल मंत्र: प्राणिमात्र से निष्काम प्रेम, दीन-दुखियों की सेवा, भूखों को अन्नदान, और प्रतिक्षण परमात्मा का स्मरण।
महाराज जी के ४ पावन स्तंभ
महाराज जी ने किसी जटिल कर्मकांड के स्थान पर प्रेम, सेवा, अन्नदान और प्रभु स्मरण का सीधा मार्ग प्रशस्त किया।
सब से प्रेम करो
प्रत्येक प्राणी में परमात्मा का दर्शन करो। अहैतुक प्रेम ही समस्त साधनाओं का सार है।
सब की सेवा करो
बिना किसी फल की इच्छा के निष्काम भाव से सेवा। नर सेवा ही नारायण सेवा है।
सब को भोजन कराओ
अन्नदान ही परम धर्म है। महाराज जी के द्वार से कोई भी भूखा नहीं लौटा।
ईश्वर को याद रखो
प्रतिक्षण प्रभु राम के पावन नाम का स्मरण। निरंतर नाम जप से भव-बंधन कट जाते हैं।
विश्व के पावन आश्रम एवं धाम
कैंची धाम से लेकर वृन्दावन समाधि मंदिर और अमेरिका के ताओस धाम तक।

श्री कैंची धाम आश्रम
कैंची धाम दो पहाड़ियों के बीच कैंची की आकृति में बसा एक अत्यंत दिव्य और पवित्र आश्रम है, जिसकी स्थापना परम पूज्य नीम करौरी बाबा महाराज ने सन् 1964 में की थी। यह धाम श्री हनुमान जी की असीम कृपा और महाराज जी की आलौकिक उपस्थिति का केंद्र है जहां देश-विदेश से लाखों भक्त दर्शन करने आते हैं।

श्री वृन्दावन समाधि मंदिर आश्रम
वृन्दावन आश्रम महाराज जी का पावन महासमाधि स्थल है, जहां अनंत चतुर्दशी (11 सितम्बर 1973) को महाराज जी ने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर ब्रह्मलीन हुए। वृन्दावन परिक्रमा मार्ग पर स्थित यह आश्रम असीम शांति, भक्ति और जीवंत कृपा का परम धाम है।

अकबरपुर - पावन जन्मस्थली धाम
अकबरपुर परम पूज्य बाबा नीम करौरी जी की पवित्र जन्मस्थली है, जहाँ उनका प्राकट्य एक प्रतिष्ठित विप्र परिवार में बालक लक्ष्मी नारायण शर्मा के रूप में हुआ था। यहाँ आज भी बाबा जी का पैतृक घर और मंदिर स्थित है।
महाराज जी के प्रामाणिक चमत्कार
भक्तों, चिकित्सकों एवं प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा लिपिबद्ध दिव्य संस्मरण।
उफनती पहाड़ी नदी को पार करना: जब बाबा के चरण भी नहीं भीगे
कुमाऊँ में भीषण बाढ़ के दौरान जब पुल बह गया, तब महाराज जी उफनती पहाड़ी नदी के जल पर ऐसे चले मानो ठोस भूमि हो, और उनके कम्बल का एक कोना भी नहीं भीगा।
एक ही समय में वृन्दावन और प्रयागराज में साक्षात उपस्थिति का चमत्कार
सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पर स्थित वृन्दावन आश्रम और प्रयागराज में महाराज जी एक ही दिन, एक ही समय पर पूर्ण भौतिक रूप में उपस्थित पाए गए।
सिलिकॉन वैली का आध्यात्मिक स्रोत: स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग की कैंची यात्रा
सन् 1974 में युवा स्टीव जॉब्स महाराज जी से मिलने भारत आए। दशकों बाद जब फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग संकट में थे, तो जॉब्स ने उन्हें कैंची धाम जाने की व्यक्तिगत सलाह दी।
श्री हनुमान चालीसा एवं पावन आरती
महाराज जी कहते थे: "हनुमान चालीसा का नित्य पाठ करो। इसमें सभी कष्टों और संकटों को हरने की शक्ति है।"
श्री हनुमान चालीसा
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा विरचित दिव्य संकटमोचन स्तोत्र। महाराज जी अपने प्रत्येक भक्त को नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करने का आदेश देते थे।
भक्त संस्मरण एवं अनुभव
हार्वर्ड के प्रोफेसर से लेकर संगीतकारों और वैज्ञानिकों तक—कैसे महाराज जी ने उनके जीवन को दिव्यता से भर दिया।
बाबा राम दास (डॉ. रिचर्ड अल्पर्ट)
विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं लेखक
हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर, जिनकी महाराज जी से भेंट ने उन्हें पश्चिमी जगत के महानतम संतों और विचारकों में बदल दिया।
“उन्होंने मुझसे इसलिए प्रेम नहीं किया कि मैं अच्छा था; उन्होंने मुझसे प्रेम इसलिए किया क्योंकि वे स्वयं प्रेम के साक्षात स्वरूप थे।”
कृष्णा दास (जेफरी कागेल)
विश्वविख्यात कीर्तन गायक एवं अनन्य भक्त
अमेरिकी संगीतकार जिन्होंने अपना सब कुछ त्यागकर महाराज जी के चरणों में शरण ली, और बाद में दुनिया भर के विशाल प्रेक्षागृहों में हनुमान चालीसा और कीर्तन की अमृत धारा बहाई।
“महाराज जी ने मुझे सिखाया कि सच्चा प्रेम हमारे भीतर ही है, और वह प्रेम कभी समाप्त नहीं होता।”
डॉ. लैरी ब्रिलियंट
प्रसिद्ध महामारी विशेषज्ञ एवं समाजसेवी
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख चिकित्सक, जिन्होंने महाराज जी के प्रत्यक्ष आदेश और आशीर्वाद से धरती से चेचक का समूल नाश किया।
“महाराज जी के चमत्कार किसी प्रदर्शन के लिए नहीं थे; वे मानवता के कल्याण हेतु प्रभु की अहैतुकी कृपा के दिव्य प्रकटीकरण थे।”
महाराज जी के चरणों में प्रार्थना पत्र
अपने हृदय के भाव, आभार अथवा प्रार्थना यहाँ लिखें। महाराज जी अंतर की पुकार सुनते हैं।