॥ जय श्री नीब करौरी महाराज ॥
Divine Vision1971कैंची धाम एवं नई दिल्ली1 मिनट पाठन

डॉ. लैरी ब्रिलियंट और चेचक (स्मॉलपॉक्स) के वैश्विक उन्मूलन की दिव्य भविष्यवाणी

प्रत्यक्षदर्शी संस्मरण एवं प्रमाणित लीला

बाबा जी ने युवा अमेरिकी डॉक्टर लैरी ब्रिलियंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन में जाने का आदेश दिया: "जाओ, तुम दुनिया से चेचक का समूल नाश करोगे। यह मानव जाति को ईश्वर का उपहार है।"

सन् 1970 के दशक के आरंभ में एक युवा अमेरिकी डॉक्टर लैरी ब्रिलियंट (जो बाद में Google.org के डायरेक्टर और विश्व प्रसिद्ध महामारी विशेषज्ञ बने) आत्मज्ञान की खोज में कैंची धाम पहुंचे। लैरी डॉक्टरी छोड़कर हिमालय की किसी गुफा में संन्यास लेकर ध्यान लगाना चाहते थे। एक दिन दोपहर को महाराज जी ने लैरी को अपने तख्त के पास बुलाया और बोले—"डॉक्टर! तुम यहाँ खाली क्यों बैठे हो? दुनिया से चेचक (स्मॉलपॉक्स) को समाप्त होना है! जाओ, नई दिल्ली में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दफ्तर जाओ और इस महामारी को जड़ से खत्म करो!" लैरी हैरान रह गए। चेचक हज़ारों वर्षों से मानवता का सबसे क्रूर संहारक रहा था जिसने करोड़ों जानें ली थीं। उस समय लैरी एक दाढ़ी वाले हिप्पी के रूप में भारत आए थे और उनके पास न तो कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध थे और न ही डब्ल्यूएचओ में कोई पहचान। लैरी ने कहा—"बाबा जी, मुझे डब्ल्यूएचओ में चपरासी भी अंदर नहीं घुसने देगा, मैं कैसे चेचक मिटा सकता हूँ?" महाराज जी ने दृढ़ता से कहा—"जाओ! यह श्री हनुमान जी की इच्छा है। तुम दिल्ली जाओगे, तुम्हें नौकरी मिलेगी और चेचक का समूल नाश होगा!" लैरी दिल्ली पहुंचे। कई दिनों तक दफ्तर से धक्के खाकर भी वे बाबा जी की आज्ञा पर टिके रहे। अंततः एक वरिष्ठ अधिकारी से उनकी भेंट हुई और उन्हें भारत में चेचक उन्मूलन कार्यक्रम में नियुक्त कर लिया गया। हज़ारों स्वास्थ्य कर्मियों के अथक परिश्रम से सन् 1980 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पृथ्वी से चेचक के पूर्ण उन्मूलन की ऐतिहासिक घोषणा की—ठीक वही जो बाबा नीम करौरी जी ने वर्षों पहले स्पष्ट कह दिया था।
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